भोपाल। मध्यप्रदेश में साइंस हाउस कंपनी को लेकर कांग्रेस ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जो प्रदेश कांग्रेस दफ्तर में की गई। मामले को लेकर पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह ने साइंस हाउस को दोबारा टेंडर देने की तैयारियों का आरोप लगाया है। उन्होने कहा कि- मप्र की आबादी साढ़े सात 7 करोड़, जबकि साइंस हाउस ने 3 साल में 12 करोड़ लोगों की जांच कर दी। सरकार ने 943 करोड़ का भुगतान किया है। साइंस हाउस ने दो कम्पनियां बनाईं। 2021 में दोनों ने पार्टिसिपेट किया। साइंस हाउस को टेंडर मिला, फिर 5 महीने बाद दोनों काम में पार्टनर हो गईं।
लैपटॉप और छात्रवृत्ति वितरण में घोटाले का आरोप
कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल ने लैपटॉप और छात्रवृत्ति राशि के वितरण में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि गुना जिले के 35 अपात्र छात्रों के बैंक खातों में 25-25 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। विधायक अग्रवाल के अनुसार, इन छात्रों को स्वयं यह जानकारी नहीं थी कि उनके खाते में कोई सरकारी राशि जमा हुई है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही, कमजोर सत्यापन प्रणाली और संभावित भ्रष्टाचार का परिणाम बताया। अग्रवाल ने मांग की है कि पूरे मामले की पारदर्शी जांच कराई जाए और छात्रों की पात्रता सूची का पुनः सत्यापन किया जाए। साथ ही, उन्होंने इस योजना के दुरुपयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। यह मामला सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी कई सवाल खड़े करता है और आवश्यक सुधारों की ओर संकेत करता है।
आरोपियों को पहुंचाएंगे जेल
कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल ने बयान दिया कि रायसेन जिले के खरगोन स्थित एक स्कूल में छात्राओं से ज़बरदस्ती झाड़ू लगवाने की घटना सामने आई है। एक अन्य स्कूल में एक शिक्षक नशे में धुत्त होकर पड़ा मिला। विधायक ने इन दोनों घटनाओं के वीडियो सार्वजनिक किए हैं। तीसरे वीडियो में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन में जली हुई रोटी और दाल में भूसी मिलाए जाने का गंभीर आरोप लगाया गया है। कांग्रेस ने कहा है कि वह इस मामले की लोकायुक्त में औपचारिक शिकायत दर्ज करेगी और न्याय की मांग के लिए हर संभव मंच पर जाएगी। पार्टी का कहना है कि वे मामले के जिम्मेदार सभी दोषियों को कानून के शिकंजे में कसकर, उन्हें जेल के दरवाज़े तक पहुँचाकर ही दम लेंगे।


