बीना। कभी-कभी एक खबर पूरे समाज को कटघरे में खड़ा कर देती है। बीना से आई यह वारदात सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारी संवेदनाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर करारा तमाचा है। चार साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है, क्या मासूम सच में सुरक्षित हैं?
खेत में खेलती मासूम पर पड़ी दरिंदे की नजर
सागर जिले के बीना क्षेत्र के खिमलासा थाना इलाके में चार साल की बच्ची अपने छोटे भाई के साथ खेत में मटर खाने गई थी। मासूमों को क्या पता था कि वहां इंसानी शक्ल में एक हैवान घात लगाए बैठा है। 28 वर्षीय आरोपी ने भाई को धमकाकर भगा दिया और बच्ची को अकेला पाकर हैवानियत की हदें पार कर दीं।
चीखें जो दिल नहीं पिघला सकीं
पीड़ा से तड़पती बच्ची की चीखें भी आरोपी का दिल नहीं पिघला सकीं। वारदात के बाद बच्ची की हालत गंभीर हो गई। परिजन उसे तुरंत लेकर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने बिना देरी किए पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया।
त्वरित कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच तेज़ी से जारी है। प्रशासन का कहना है कि दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मजबूत केस तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में कोई और दरिंदा ऐसी हिम्मत न जुटा सके।
समाज और व्यवस्था दोनों पर सवाल
यह घटना केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की भी परीक्षा है। बार-बार मासूम बच्चियों के साथ हो रही दरिंदगी यह पूछती है कि जागरूकता, निगरानी और संवेदनशीलता आखिर कहां कमजोर पड़ रही है। जब तक समाज और प्रशासन मिलकर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता नहीं बनाएंगे, तब तक ऐसी खबरें हमारी इंसानियत को शर्मसार करती रहेंगी।
मासूमियत से दुराचार, चार वर्षीय बच्ची की चीखें सुनकर भी नहीं रुका दरिंदा


