कांग्रेस की किसान महाचौपाल: ट्रेड डील पर सियासी घमासान

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के जवाहर चौक पर आयोजित किसान महाचौपाल में सियासत अपने चरम पर दिखी। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार की कथित ट्रेड डील को लेकर तीखा हमला बोला। वहीं कार्यक्रम में हजारों लोगों की मौजूदगी रही। बता दें राहुल गांधी करीब डेढ़ घंटे तक मंच पर रहे और किसानों, युवाओं व कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते, संसद में विपक्ष की भूमिका और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।

ट्रेड डील से किसानों को नुकसान

राहुल गांधी ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उनका दावा है कि अगर बड़ी विदेशी कंपनियों को भारतीय बाजार में खुली एंट्री मिलती है, तो सोया, कपास, मक्का और दाल जैसी फसलों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट की सामूहिक सहमति के बिना ऐसे बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या किसानों और घरेलू उद्योगों के हितों पर पर्याप्त विचार किया गया।

संसद और राष्ट्रीय सुरक्षा पर बयान

साथ ही राहुल गांधी ने संसद में अपने भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि- उन्हें कई मुद्दों पर बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख की किताब में दर्ज टिप्पणियों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निर्णयों पर पारदर्शिता की मांग की। महाचौपाल के मंच से राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर उद्योगपतियों के साथ रिश्तों को लेकर भी सवाल उठाए और जवाब देने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र की बुनियाद है। वहीं भाजपा इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे रही है।

खड़गे और राज्य नेतृत्व की मौजूदगी

बता दें कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी केंद्र की नीतियों की आलोचना की और किसानों के मुद्दों पर एकजुटता का आह्वान किया। मंच पर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और उप नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दोनों नेताओं का स्वागत किया।

चुनावी साल में किसान राजनीति

वहीं मध्य प्रदेश में चुनावी हलचल के बीच यह महाचौपाल कांग्रेस के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखी जा रही है। पार्टी का फोकस ग्रामीण मतदाताओं और कृषि समुदाय पर साफ नजर आ रहा है। कुल मिलाकर, भोपाल की यह रैली आने वाले महीनों में प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *