उज्जैन। शहर में चल रहे नकली नोटों के अवैध कारोबार पर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और चिमनगंज थाने की संयुक्त कार्रवाई में एक सक्रिय गिरोह का भंडाफोड़ किया गया, जिसमें चार आरोपी को रंगे हाथों पकड़ें गए। इस ऑपरेशन ने न केवल पुलिस की सतर्कता को साबित किया, बल्कि शहर में फैले नकली करेंसी नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है।
पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई
मामले पर क्राइम ब्रांच और चिमनगंज थाने की टीम ने शहर में नकली नोटों के व्यवसाय में सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया। टीम ने चार आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया, जब वे पाँच-पाँच सौ रुपये के नकली नोट बाजार में खपाने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि यह ऑपरेशन लंबे समय से चल रही निगरानी के बाद अंजाम दिया गया, जिसने इस अवैध धंधे को कड़ी चोट दी है।

सोनू पहले भी कई संगीन मामलों में रहा है लिप्त
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपेश चौहान और हिमांशु शामिल हैं, जबकि सोनू नामक एक अन्य सदस्य भी पकड़ा गया है, जो गिरोह का मुख्य सरगना माना जा रहा है। सोनू पहले भी पुलिस की पकड़ में आ चुका है जब वह 30 लाख रुपये के रिफाइंड तेल की हेराफेरी के मामले में संलिप्त था।

गहराई से चल रही जांच
पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और इसके नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में और भी अपराधी सामने आ सकते हैं। जिससे नकली नोटों के इस अवैध कारोबार को पूरी तरह जड़ से खत्म किया जा सके।


