जश्न नहीं, जनसंवाद: कलेक्टर ने गांव की चौपाल में किया नए साल का स्वागत

दमोह। दमोह जिले में नववर्ष 2026 की शुरुआत एक अनोखे और संवेदनशील प्रशासनिक कदम के साथ हुई। जिले के कलेक्टर सुधीर कोचर ने जश्न और औपचारिकताओं से दूर रहकर आधी रात तक एक वनांचल गांव में चौपाल लगाई। साथ ही खुद लोगों के बीच बैठकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।

दमोह कलेक्टर का जमीनी संवाद

दमोह के दूरस्थ घोंघरां गांव में कलेक्टर सुधीर कोचर अधिकारियों की टीम के साथ पहुंचे और ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर संवाद किया। इस चौपाल के दौरान लोगों ने अपनी रोजमर्रा की परेशानियां कलेक्टर से खुलकर कहीं, जिन पर कलेक्टर सुधीर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

चुनाव बहिष्कार से भरोसे तक की कहानी

कुछ समय पहले जिला पंचायत उपचुनाव हुआ था। उस दौरान घोंघरां गांव के ग्रामीणों ने विकास की कमी से नाराज होकर मतदान का बहिष्कार किया था। इसी समय कलेक्टर की समझाइश के बाद ही वोटिंग संभव हो सकी थी। उन्होंने ग्रामीणों से वादा किया था कि साल के आखिरी और नए साल के पहले दिन वह गांव में रहकर समस्याओं के समाधान की पहल करेंगे।

वादे पर किया अमल

अपने वादे के अनुरूप कलेक्टर सुधीर वनांचल गांव पहुंचे। उन्होंने विभिन्न विभागों के साथ विशेष शिविर का आयोजन किया। जिसमें आधार से जुड़ी सेवाएं, आयुष्मान कार्ड,  पशुपालन और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित मामलों पर मौके पर ही कार्यवाही की।

संवाद से जगी नई उम्मीद

कई घंटों तक चली इस चौपाल में ग्रामीणों ने वनांचल क्षेत्र की जमीनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। नए साल की पहली रात प्रशासन को अपने बीच पाकर ग्रामीणों में संतोष और भरोसे का माहौल देखने को मिला, जिससे क्षेत्र में नई उम्मीदों का संचार हुआ।