जबलपुर। सरकारी नौकरी का सपना लाखों युवाओं की आंखों में पलता है। इसी सपने को हथियार बनाकर ठग गिरोह बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बना रहा है। जबलपुर के एक युवक के साथ हुई ठगी ने एक बार फिर भर्ती माफिया की क्रूर सच्चाई उजागर कर दी है।
जबलपुर के रांझी निवासी दीपक कुमार नामदेव से रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब डेढ़ लाख रुपये की ठगी कर ली गई। दीपक ने बताया कि उसने शहर में रेलवे भर्ती से जुड़ा एक पोस्टर देखा था, जिस पर दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद उसकी बातचीत कथित एजेंटों से हुई।
आरोपियों ने उसे भरोसे में लेकर कानपुर बुलाया, जहां मेडिकल और फॉर्मेलिटी के नाम पर कई कागजात भरवाए गए और फीस के रूप में मोटी रकम वसूल ली गई। कुछ दिनों बाद दीपक को ‘मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे’ के नाम से नियुक्ति पत्र भेजा गया।
नियुक्ति पत्र लेकर जब दीपक रेलवे कार्यालय पहुंचा तो अधिकारियों ने उसे फर्जी बताया। यहीं से ठगी का खुलासा हुआ। युवक के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उसने यह रकम कर्ज लेकर और परिवार की बचत से जुटाई थी।
पीड़ित की शिकायत पर रांझी पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे गिरोह सोशल मीडिया, पोस्टर और फर्जी वेबसाइट के जरिए युवाओं को फंसाते हैं। प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी भर्ती से पहले आधिकारिक वेबसाइट और सूचना की पुष्टि जरूर करें।
सरकारी नौकरी दिखाकर की युवाओं से ठगी, हुआ खुलासा


