रायसेन में 45 साल पुराना पुल ढहा, सीआरपीएफ के पूर्व जवान की मौत, स्कूली बच्चों की जान बची, प्रशासन ने अधिकारी निलंबित किया

रायसेन। बरेली-पिपरिया स्टेट हाइवे पर मंगलवार को बड़ा हादसा टल गया। लगभग 45 साल पुराना नयागांव पुल अचानक ढह गया, जिससे वहां से गुजर रहे स्कूली छात्रों की बस बाल-बाल बच गई। हालांकि, दुर्घटना में पुल के मलबे के नीचे दबकर सीआरपीएफ के पूर्व जवान देवेंद्र धाकड़ गंभीर रूप से घायल हो गए जिनकी भोपाल में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
पुल की जर्जर स्थिति और लापरवाही
मिल रही जानकारी के अनुसार यह पुल 1980 में लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाया गया था और लंबे समय से खराब हालत में था। मरम्मत कार्य बिना किसी सुरक्षा प्रबंध और ट्रैफिक डायवर्जन के जारी था। मंगलवार को अचानक बरेली साइड का एक बड़ा हिस्सा नीचे गिर पड़ा।
आठ मजदूर और चार बाइक सवार हुए घायल
हादसे के समय पुल के नीचे लगभग मजदूर काम कर रहे थे, जबकि ऊपर से गुजर रहे 4 बाइक सवार भी मलबे में फंस गए। दुर्घटना में 10 लोग घायल होने की जानकारी है। सभी को बरेली सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गंभीर रूप से घायल पूर्व सीआरपीएफ जवान देवेंद्र धाकड़ को भोपाल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
शादी से लौटते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि देवेंद्र धाकड़ अपनी बहन की शादी समारोह मे शामिल होकर अपने घार के लिए बाइक से लौट रहे थे। पुल पर मरम्मत कार्य और बैरिकेडिंग न होने के चलते उनकी बाइक मलबे में दब गई।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
हादसे के बाद लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने फील्ड स्टाफ मैनेजर खान को तत्काल निलंबित कर दिया है। पुल के मेंटेनेंस की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी और सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी उजागर हुई है।
लोगों में आक्रोश
घटना के बाद लोगों ने सड़क और पुलों की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद विभाग ने समय रहते उचित कदम नहीं उठाए, जिससे यह दुर्घटना हुई।