महाकाल मंदिर में अब आई-कार्ड और ड्रेस कोड: नए वर्ष से सभी पुजारी, पुरोहित और कर्मचारियों पर लागू होगी नई व्यवस्था

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उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्थाओं को बेहतर और अधिक अनुशासित बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि नए वर्ष से मंदिर परिसर में कार्यरत सभी पुजारी–पुरोहित, सेवक, कर्मचारी पर अनिवार्य आई-कार्ड और ड्रेस कोड प्रणाली लागू की जा रही है।

प्रशासक प्रथम कौशिक ने कहा

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति से बचाने और हर व्यक्ति की पहचान स्पष्ट रखने के लिए यह व्यवस्था तैयार की गई है। पुजारी और पुरोहित पारंपरिक सोला एवं धार्मिक वेशभूषा में रहेंगे, जबकि सेवकों के लिए कुर्ता–पजामा निर्धारित किया गया है। नंदी हॉल, गणेश मंडप और अन्य हिस्सों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी मंदिर की गरिमा के अनुरूप विशेष कुर्ता सेट तय किए गए हैं।

साथ ही कहा कि अब सभी कर्मचारियों, सेवकों और पुजारियों के लिए आई-कार्ड पहनना अनिवार्य होगा, जिससे यह आसानी से स्पष्ट हो सकेगा कि मंदिर परिसर में कौन किस पद पर कार्यरत है। नई प्रणाली से न केवल अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि श्रद्धालुओं को भी जानकारी प्राप्त करने और सही व्यक्ति तक पहुंचने में सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि यह समूची व्यवस्था नए वर्ष से लागू कर दी जाएगी।