भोपाल । सिवनी जिले के जनजातीय कार्यालय विभाग मे पदस्थ सहायक आयुक्त लालजीराम मीणा पर जनजातीय छात्रावासों के लिए रोटी मेकिंग मशीन की खरीदी में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहें हैं। आरोप है कि सिवनी में पदभार ग्रहण करने के मात्र तीन माह के भीतर ही उन्होंने लगभग 1 करोड़ 65 लाख रुपये की खरीदी में नियमों को दरकिनार कर अपने चहेते फर्मों को लाभ पहुंचाया है l
ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए नियम विरुद्ध किए गए टेंडर
सूत्रों के अनुसार, मोटी रकम बंदरबांट करने के उद्देश्य से निविदा शर्तों को ताक पर रखकर ऐसी फर्मों को योग्य घोषित किया गया, जिनके पास न तो आवश्यक अनुभव था और न ही निविदा में निर्धारित 5 लाख रुपये की धरोहर राशि (EMD) जमा की गई थी। इसके बावजूद बाबा ट्रेडर्स, वीएस सिस्टम्स एंड सॉल्यूशंस, मृत्युंजय ट्रेडर्स एवं पार्व एसोसिएट्स को नियम विरुद्ध तरीके से योग्य ठहराया गया, जबकि अन्य फर्मों को सभी दस्तावेज पूर्ण होने के बावजूद निविदा प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।
आपत्तियों के बावजूद आनन-फानन में जारी हुए आदेश
साथ ही यह भी आरोप है कि आपत्तियां दर्ज होने के बाद भी सहायक आयुक्त द्वारा समिति को गुमराह कर आनन-फानन में आदेश जारी कर दिए गए। जबकि इस खरीदी समिति में कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ जैसे वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। इससे यह संदेह उत्पन्न होता है कि या तो उन्हें भी गुमराह किया गया होगा या मोटी रकम की चढ़ोतरी की गयी होंगी ?
जांच की उठी मांग
इन तथ्यों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि या तो वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी जानकारी नहीं दी गई, अथवा कथित रूप से मोटी रकम की चढ़ोतरी के चलते यह प्रक्रिया पूरी की गई। मामले को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर उचित कार्रवाई हो।


