लखनऊ। पूर्वी उत्तर प्रदेश इस समय ठंड, घने कोहरे और जहरीली हवा के त्रिकोणीय संकट से जूझ रहा है। गोरखपुर, वाराणसी, कुशीनगर और देवरिया में वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच चुकी है। मौसम विभाग ने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है, जबकि अगले 48 घंटे हालात और कठिन बना सकते हैं।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप अपने चरम पर है। सुबह होते ही सड़कों पर घना कोहरा छा जाता है और शाम ढलते ही कड़ाके की ठंड लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर रही है। हालात तब और गंभीर हो गए हैं, जब वायु प्रदूषण ने भी खतरनाक स्तर छू लिया है।
गोरखपुर, वाराणसी, कुशीनगर और देवरिया जैसे जिलों में सांस लेना तक चुनौती बनता जा रहा है। बुधवार सुबह दर्ज आंकड़ों के मुताबिक गोरखपुर में एक्यूआई 466, वाराणसी में 390, कुशीनगर में 450 और देवरिया में 157 रिकॉर्ड किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक श्रेणी में आता है।
मौसम विभाग ने कई जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता काफी कम हो सकती है। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 48 घंटों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। 15 से 20 जनवरी के बीच शीत दिवस जैसी स्थिति बनने की आशंका है। 18 और 19 जनवरी को कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।
तापमान की बात करें तो गोरखपुर में न्यूनतम 6.7 और अधिकतम 20.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि वाराणसी में न्यूनतम 6.6 और अधिकतम 21.6 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को बाहर निकलने से बचने, मास्क पहनने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
ठंड, कोहरा और जहरीली हवा से बेहाल पूर्वी यूपी में लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त, मौसम विभाग की चेतावनी अभी नहीं मिलेगी राहत


