काम न आया राजनीतिक रसूख : कांवरे बंधुओं के ठिकानों पर पड़ा जीएसटी का छापा, पकड़ाई डेढ़ करोड़ की कर चोरी

बालाघाट। राजनीति में रसूख और उसके बूते क्षेत्र में रावण सा अहंकार रखने वाले कांवरे बंधुओं के व्यापारिक ठिकानों पर की जीएसटी की छापामार कार्यवाही से जिले में हडकंप मच गया। पूर्व मंत्री और सत्तारूढ पार्टी भाजपा के जिला अध्यक्ष द्वारा की जा रही राजनीति की आड़ में जीएसटी चोरी का भांडा फूट गया। जबलपुर जीएसटी संयुक्त आयुक्त याचना पाठक की अगुआई में हुई छापेमारी ने यह सिद्ध कर दिया कि प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ निष्पक्षता के साथ कार्यवाही कर रही है। इस छापेमार कार्रवाई में मध्यप्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे रामकिशोर कांवरे के भाई के व्यापारिक ठिकानों पर जीएसटी की टीम की छापामार कार्यवाही हुई। जिसमें लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की कर चोरी उजागर हुई है।

दो ठिकानों पर हुई कार्यवाही

बीते दिन बालाघाट भाजपा जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री रहे रामकिशोर कांवरे के भाई कुमार कांवरे के व्यापारिक ठिकानों पर जबलपुर से आई जीएसटी टीम ने छापामार कार्यवाही को अंजाम दिया। इस कार्यवाही में दो अलग-अलग ठिकानों से जिसमे हर्ष कंशट्रक्शन से लगभग 70 लाख और वैनगंगा कंशट्रक्शन कंपनी से लगभग 81 लाख की कर चोरी सरेंडर कराई गई। इससे यह सिद्ध हो गया कि राजनीतिक रसूख रखने वाले लोग ही जनता के लिए भस्मासुर साबित हो रहे हैं। हालांकि इस छापामार कार्यवाही को रोकने के लिए कांवरे ने हर राजनीतिक कनेक्शन का लाभ उठाने का भरसक प्रयास तो किया लेकिन लगातार बिगड़ती छबि और गिरता जानाधार उनकी इस कार्यवाही को रुकवा ना सकीं।

यह तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है

जीएसटी की छापामार कार्यवाही को अंतिम कार्रवाई समझ लेना कांवरे बंधुओं के परेशानियों से भरा हो सकता है। दरअसल यह तो अभी ट्रेलर मात्र है, पिक्चर तो बाकी है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी दिनों में कांवरे बंधुओं के ठिकानों पर ईडी का और सीबीआई जैसे गोपनीय विभागों की रेड पड़ गई तो, झूठ और फरेब से कमाई गई संपत्ति का राज खुलकर सबके सामने आ जाएगा। यही नहीं सरकार को भी यह पता चल सकेगा कि राजनीति का चोला ओढ़ कर पार्टी और सरकार की छबि को कैसे उनके जिम्मेदार कार्यकर्ता ही धूमिल कर रहे हैं। यदि ईडी की रेड पड़ती है तो यह सच है कि करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति से पर्दा उठ सकेगा ?