रायबरेली। मिट्टी के बर्तन बनाकर परिवार चलाने वाले एक कारीगर को 1.25 करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी नोटिस मिलने का मामला सामने आया है। नोटिस मिलने के बाद परिवार में घबराहट है और प्रशासन से तत्काल जांच की मांग की जा रही है। पीड़ित की पहचान मोहम्मद शहीद के रूप में हुई है, जो रायबरेली के रघुवीरगंज बाजार इलाके में रहता हैं। मामले पर पीड़ित का कहना है कि- वे पुश्तैनी तौर पर कुल्हड़, मिट्टी के बर्तन और खिलौने बनाता हैं, कोई कंपनी या फर्म संचालित नहीं करता है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल परिवार के अनुसार, डाक के जरिए केंद्रीय कर विभाग से 1,25,00,297 रुपये का नोटिस प्राप्त हुआ। नोटिस कथित तौर पर Central Board of Indirect Taxes and Customs के अंतर्गत जारी बताया गया है। नोटिस में बकाया जीएसटी देनदारी का जिक्र है। हालांकि, पीड़ित का कहना है कि उनका कोई जीएसटी पंजीकरण (GST Registration) नहीं है और न ही उन्होंने कभी किसी पार्टनरशिप फर्म या कंपनी का संचालन किया। परिवार को आशंका है कि कहीं पहचान संबंधी दस्तावेज़ों का दुरुपयोग (Identity Misuse) तो नहीं हुआ।
परिवार की गुहार
पीड़ित परिवार ने स्थानीय प्रशासन से निष्पक्ष जांच और नोटिस वापस लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी रकम तो वे जीवनभर की कमाई से भी नहीं चुका सकते। साथ ही परिवार का कहना है कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं हुई तो यह उनके लिए आर्थिक और मानसिक संकट बन सकता है।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर मामले की पुष्टि और दस्तावेज़ों की जांच की प्रक्रिया शुरू होने की बात कही जा रही है। यदि यह फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई संभव है। यह मामला छोटे कारीगरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की डिजिटल सुरक्षा और कानूनी जागरूकता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।


