मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बनी, जब श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट अचानक पलट गई। इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 5 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटना केशी घाट के पास हुई, जहां बोट संतुलन खो बैठी और गहरे पानी में डूब गई।
दूसरे दिन भी जारी रेस्क्यू ऑपरेशन
बता दें हादसे के बाद से ही राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, स्थानीय पुलिस और सेना की टीमों के साथ करीब 50 गोताखोर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। अब तक 22 घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज हवाओं और असंतुलन के चलते बोट डगमगाने लगी। इसी दौरान नाव एक तैरते पोंटून से टकरा गई, जिससे संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। बताया जा रहा है कि हाल ही में बढ़े जलस्तर के कारण पीपा पुल हटाया गया था, लेकिन कुछ पोंटून पानी में ही रह गए थे, जो हादसे की वजह बने।
पंजाब से आए थे श्रद्धालु
इस नाव में सवार अधिकांश लोग पंजाब के लुधियाना और आसपास के क्षेत्रों से तीर्थयात्रा पर आए थे। हादसे के बाद परिवारों में कोहराम मच गया है। परिजनों के मुताबिक, कुछ देर पहले तक सभी खुश थे और वीडियो शेयर कर रहे थे, लेकिन अचानक आई इस खबर ने सब कुछ बदल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव बीच धारा में पहुंचते ही तेज हवा के कारण बेकाबू हो गई और कुछ ही सेकंड में पलट गई। कई लोग लाइफ जैकेट के बिना थे, जिससे हालात और बिगड़ गए।
स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों को सख्त करने की बात कही गई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि ओवरलोडिंग और सुरक्षा लापरवाही की भी जांच की जाएगी।


