भिंड। मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों का अस्तित्व जब दांव पर लगा हो, तब प्रशासन का कठोर होना अनिवार्य हो जाता है। भिंड जिले में खनिज संपदा की सरेआम डकैती कर रहे रेत माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद, कलेक्टर के निर्देश पर खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने सिंध नदी के सीने को छलनी कर रहे अवैध उत्खनन के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई की गूंज
खनिज अधिकारी पंकज मिश्रा के नेतृत्व में हुई इस छापेमारी ने खैरा-श्यामपुरा और मेहदा रेत खदानों पर माफियाओं के पैर उखाड़ दिए। प्रशासन ने न केवल अवैध रूप से संचालित तीन पनडुब्बियों को मौके पर ही नष्ट किया, बल्कि उत्खनन में प्रयुक्त एक लोडर को भी जब्त कर लिया। जैसे ही सरकारी अमला मौके पर पहुंचा, माफिया के कारिंदे अपनी मशीनरी छोड़कर भाग खड़े हुए।
नदियों का अवैध खनन न केवल राजस्व की हानि है, बल्कि यह सीधे तौर पर पर्यावरण और जलस्तर पर हमला है। भिंड में हुई यह कार्रवाई एक स्पष्ट संदेश है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। हालांकि, चुनौती यह है कि प्रशासन इस सख्ती को निरंतर बनाए रखे, ताकि भागने वाले माफिया दोबारा नदियों की शांत लहरों को अशांत न कर सकें।
नदियां बचाने का शंखनाद, भिंड में रेत माफियाओं के साम्राज्य पर प्रहार


