कृष्णानगर। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण की वोटिंग के बीच नरेंद्र मोदी ने कृष्णानगर की विजय संकल्प सभा से बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में इस बार बदलाव की लहर है और 4 मई को नतीजों के दिन बीजेपी-एनडीए की जीत का जश्न मनाया जाएगा। पीएम के बयान ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।
भय से भरोसे की ओर बढ़ रहा बंगाल
जानकारी अनुसार, सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा ‘बंगाल में अब भय का माहौल खत्म हो रहा है और भरोसे की राजनीति मजबूत हो रही है। पिछले कई दशकों में पहली बार चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण हो रहे हैं। निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करना लोकतंत्र की बड़ी जीत है। राज्य के सरकारी कर्मचारी भी इस बार निष्पक्ष और जिम्मेदार भूमिका निभा रहे हैं, जिससे मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है।’
TMC पर साधा निशाना
वहीं पीएम मोदी ने ममता बनर्जी और उनकी पार्टी अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में टीएमसी के नेताओं और सिंडिकेट सिस्टम के खिलाफ जनता में भारी नाराजगी है। पीएम के मुताबिक, कई जिलों में टीएमसी का खाता तक नहीं खुलेगा और इस बार जनता बदलाव के मूड में है। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सिर्फ पार्टियों का नहीं, बल्कि जनता बनाम व्यवस्था की लड़ाई बन चुका है।
वहीं सभा में पीएम ने बंगाली नारे पलटनो दरकार चाही बीजेपी सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि यह नारा अब हर गांव और गली में सुनाई दे रहा है। उन्होंने इसे जनता के मूड का संकेत बताते हुए कहा कि लोग अब पुरानी व्यवस्था से बदलाव चाहते हैं।
4 मई को जश्न की तैयारी
प्रधानमंत्री मोदी ने चुनाव परिणाम वाले दिन का जिक्र करते हुए कहा ‘4 मई को पूरे बंगाल में जीत का जश्न मनाया जाएगा। उस दिन मिठाई और झालमुड़ी भी बंटेगी और इसे जनता की जीत का प्रतीक बताया।’
पीएम ने अपने भाषण में यह भी कहा कि इस बार चुनाव किसी नेता या पार्टी का नहीं, बल्कि बंगाल की जनता खुद लड़ रही है। उन्होंने दावा किया कि हर वर्ग युवा, महिलाएं, किसान और बुजुर्ग इस बार बदलाव के लिए एकजुट हैं।
पहले चरण की वोटिंग के साथ ही बंगाल में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। आने वाले चरणों में सभी दल अपनी पूरी ताकत झोंकेंगे। अब नजरें इस बात पर हैं कि क्या पीएम मोदी का दावा सही साबित होता है या ममता बनर्जी की पकड़ बरकरार रहती है।


