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Hometrending news “मुझे बचा लो…” वीडियो में छलका दर्द, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

 “मुझे बचा लो…” वीडियो में छलका दर्द, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

मुरैना। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में पुलिस विभाग उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब एक आरक्षक का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। आरक्षक रूपसिंह रावत ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि उनसे पुलिस ड्यूटी के बजाय समीर सौरभ के सरकारी आवास पर घरेलू काम करवाए जा रहे हैं। वीडियो में वह रोते हुए बताते हैं कि उनसे खाना बनवाने, झाड़ू-पोछा और बर्तन साफ कराने जैसे काम लिए जाते हैं, जो उनके पद की जिम्मेदारियों से बिल्कुल अलग हैं।

इलाज के लिए दर-दर भटकने का आरोप

आरक्षक ने दावा किया है कि उनकी दोनों किडनियों में पथरी है और उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट के साथ छुट्टी के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया। वीडियो में उन्होंने कहा कि- “स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद राहत नहीं मिल रही, समझ नहीं आ रहा किससे मदद मांगूं।” यह मामला अब पुलिस विभाग में संवेदनशील मुद्दा बन गया है।

साथ ही रूपसिंह रावत ने यह भी आरोप लगाया कि वह शाकाहारी हैं, फिर भी उन्हें मांसाहारी भोजन बनाने और जूठी हड्डियां साफ करने के लिए मजबूर किया जाता है। साथ ही, किचन में कैमरे लगाए जाने और लगातार निगरानी रखने की बात भी सामने आई है, जिससे मानसिक दबाव बढ़ने का दावा किया गया है।

डर और दबाव में कर्मचारी

वीडियो में आरक्षक ने एक पूर्व कर्मचारी का जिक्र करते हुए कहा कि समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई थी। इसी वजह से वह खुद भी डरा हुआ है और समय रहते इलाज चाहता है। इस बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

फिर भी सामने रखी अपनी बात

आरक्षक ने यह भी आशंका जताई कि वीडियो वायरल होने के बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद उसने अपनी बात सार्वजनिक की। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पूरे घटनाक्रम ने पुलिस कार्यप्रणाली और मानवाधिकार से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

मामले पर निष्पक्ष जांच

मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है और पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने आरक्षक के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों की जांच के लिए एक टीम गठित की है। वहीं, प्रारंभिक स्तर पर संबंधित आरक्षक को राहत देते हुए उसे ड्यूटी से हटाकर चिकित्सकीय परीक्षण और इलाज की व्यवस्था कराने की बात सामने आ रही है। दूसरी ओर, समीर सौरभ पर लगे आरोपों को लेकर आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आ सकती है। प्रशासन ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी, जिससे अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होने की उम्मीद बढ़ गई है।

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