भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा में 18 फरवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। करीब 4.65 लाख करोड़ रुपये के आकार वाले इस बजट को राज्य सरकार ने “विकास, विश्वास और संतुलित विस्तार” का दस्तावेज बताया है। बजट की सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि राज्य में कोई नया टैक्स नहीं लगाया जाएगा और न ही मौजूदा करों में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही कुल बजट में 11% की वृद्धि और GSDP में लगभग 10% ग्रोथ का दावा किया गया है।
GYANII मॉडल: विकास की नई रूपरेखा
सरकार ने इस बार बजट को “GYANII आधारित विकास मॉडल” पर केंद्रित बताया। सरकार का कहना है कि यह मॉडल “समावेशी और परिणाम-आधारित” ग्रोथ को आगे बढ़ाएगा।
- G – गरीब कल्याण: अंत्योदय और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का विस्तार
- Y – युवा शक्ति: स्किल डेवलपमेंट और रोजगार उन्मुख प्रशिक्षण
- A – अन्नदाता: किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस
- N – नारी शक्ति: महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना
- I – इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़क, पुल, जल और परिवहन नेटवर्क का विस्तार
- I – इंडस्ट्री: निवेश आकर्षित करने के लिए प्रो-इंडस्ट्री इकोसिस्टम
कानून-व्यवस्था और पुलिस मॉडर्नाइजेशन
बजट में पुलिस विभाग के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। जिसमें से –
- 22,500 पदों पर चरणबद्ध भर्ती
- 14,306 करोड़ रुपये कानून-व्यवस्था के लिए
- 11,000 नए पुलिस भवनों का निर्माण
- 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट तामील
- e-Vivechana App का विकास
- सभी जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा
- पुलिस इकाइयों को इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ट्रेनिंग
आर्थिक संकेत और चुनावी सियासत
वहीं वित्त मंत्री ने कहा क़ि- यह बजट “राजकोषीय अनुशासन और सामाजिक संवेदनशीलता” के संतुलन पर आधारित है। 11% बजट वृद्धि को विकास की रफ्तार से जोड़ा गया है। विधानसभा में बजट भाषण के दौरान विपक्ष ने कुछ प्रावधानों को लेकर हंगामा भी किया और रोजगार व कर्ज प्रबंधन के मुद्दों पर सवाल उठाए।


